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बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ (खून की कमी) के लकà¥à¤·à¤£, कारण व इलाज
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ है? | Bachon Mein Anemia
आम à¤à¤¾à¤·à¤¾ में कहें तो à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ का अरà¥à¤¥ है शरीर में खून की कमी। वहीं, वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• à¤à¤¾à¤·à¤¾ में खून में मौजूद रेड बà¥à¤²à¤¡ सेलà¥à¤¸ की कमी या उनके बनने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की गति धीमी होने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ कहा जाता है। रेड बà¥à¤²à¤¡ सेलà¥à¤¸ शरीर के सà¤à¥€ टिशà¥à¤¯à¥‚ तक ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ पहà¥à¤‚चाने का काम करते हैं। यह बीमारी मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से आयरन की कमी के कारण होती है। दरअसल, मानव शरीर के लिठजरूरी पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ में à¤à¤• आयरन ही है, जिसे रेड बà¥à¤²à¤¡ सेलà¥à¤¸ के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ का मà¥à¤–à¥à¤¯ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ माना जाता है। यही कारण है कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में आयरन की कमी के चलते à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ की शिकायत देखी जाती है (1)। हालांकि, à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ होने के कई अनà¥à¤¯ कारण à¤à¥€ हैं, जिनके बारे में हम लेख में आगे चलकर विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बताà¤à¤‚गे।
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ है, यह जानने के बाद अब हम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के पà¥à¤°à¤•ार पर à¤à¥€ नजर डाल लेते हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के पà¥à¤°à¤•ार?
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से तीन पà¥à¤°à¤•ार हैं (2)।
माइकà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤• (microcytic)– माइकà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में होने वाले à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ का सबसे आम पà¥à¤°à¤•ार है। शरीर में आयरन की कमी होने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में इसके होने की आशंका पà¥à¤°à¤¬à¤² हो जाती है।
नॉरà¥à¤®à¥‹à¤¸à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤• (normocytic)– बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ का यह पà¥à¤°à¤•ार जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ पाया जाता है। बचà¥à¤šà¥‡ में अगर जनà¥à¤® के साथ ही पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में कमी या रेड बà¥à¤²à¤¡ सेलà¥à¤¸ की कमी से संबंधित विकार पाया जाता है, तो इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में नॉरà¥à¤®à¥‹à¤¸à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ होने की आशंका रहती हैं। इस मामले में यह à¤à¥€ कहा जा सकता है कि कà¥à¤› विशेष सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ का यह पà¥à¤°à¤•ार बचà¥à¤šà¥‡ में जनà¥à¤® के साथ ही आ जाता है।
मैकà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ (Macrocytic)– à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ का यह पà¥à¤°à¤•ार मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से विटामिन बी-12 और फोलेट की कमी के कारण होता है। यही वजह है कि à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ का यह पà¥à¤°à¤•ार बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में मà¥à¤¶à¥à¤•िल से देखने को मिलता है।
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के पà¥à¤°à¤•ार जानने के बाद आइठअब हम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ होने के कारण à¤à¥€ जान लेते हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ होने के कारण
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ होने के कारण कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं (1) (2)।
आयरन की कमी के साथ जनà¥à¤®à¥¤
गाय के दूध पर निरà¥à¤à¤° रहने के कारण (गाय के दूध में आयरन की कमी होती है)।
आंतों में खून का रिसाव।
आयरन अवशोषित करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ की कमी।
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ की कमी के साथ जनà¥à¤®à¥¤
हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€à¤œ (hemoglobinopathies) यानी जनà¥à¤® से रकà¥à¤¤ संबंधी विकार के कारण।
विटामिन बी-12 की कमी।
फोलेट की कमी।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ होने के कारणों को जानने के बाद आइठअब हम इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ पर à¤à¥€ गौर कर लेते हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ होने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में निमà¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£ देखने को मिल सकते हैं (1)।
चिड़चिड़ापन।
सांस लेने में तकलीफ।
पिका रोग (खाने की असामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿)।
बहà¥à¤¤ कम खाना खाना।
हर समय थकान और कमजोरी का महसूस होना।
जीठमें à¤à¤‚ठन और जलन के साथ घाव।
सिरदरà¥à¤¦ और चकà¥à¤•र आना।
आंखों में पीलापन या सफेदी नजर आना।
कमजोर नाखून।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर पीलापन।
लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में हम जानेंगे कि किन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ होने की आशंका अधिक होती है।
किन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ होने का जोखिम अधिक है?
कà¥à¤› विशेष सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हैं, जो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ होने की आशंका को बà¥à¤¾ देती हैं। आइà¤, उन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के बारे में à¤à¥€ थोड़ा जान लेते हैं।
गाय के दूध पर निरà¥à¤à¤° रहने वाले बचà¥à¤šà¥‡ : à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ जो मà¥à¤–à¥à¤¯ तौर पर गाय के दूध पर ही निरà¥à¤à¤° रहते हैं, उनमें à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ होने का जोखिम सामानà¥à¤¯ के मà¥à¤•ाबले अधिक होता है। कारण यह है कि गाय के दूध में उचित मातà¥à¤°à¤¾ में आयरन मौजूद नहीं होता। à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में धीरे-धीरे आयरन की कमी हो जाती हैं, जो आगे चलकर à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ का कारण बन जाता है (1)।
समय पूरà¥à¤µ जनà¥à¤® : समय पूरà¥à¤µ जनà¥à¤® यानी पà¥à¤°à¥€-मेचà¥à¤¯à¥‹à¤° बरà¥à¤¥ के कारण बचà¥à¤šà¥‡ पूरà¥à¤£ रूप से विकसित नहीं हो पाते। नतीजतन सामानà¥à¤¯ के मà¥à¤•ाबले वह देर में ठोस आहार लेना शà¥à¤°à¥‚ करते हैं। इस कारण उमà¥à¤° के साथ जितनी आयरन की आवशà¥à¤¯à¤•ता उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ होती हैं, वह नहीं मिल पाती। इसलिà¤, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ होने का जोखिम अधिक रहता है (3)।
कम वजन के साथ जनà¥à¤® : कम वजन के साथ जनà¥à¤® यानी लो बरà¥à¤¥ वेट वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¥€ à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ होने की आशंका अधिक रहती है। इसलिà¤, à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पोषण पर विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, ताकि à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के जोखिमों को समय रहते टाला जा सके (4)।
लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में हम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के निदान के बारे में जानने की कोशिश करेंगे।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ का निदान
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के निदान के लिठमà¥à¤–à¥à¤¯ तौर पर कà¥à¤› विशेष खून की जांच की जाती हैं, जिनके माधà¥à¤¯à¤® से शरीर में मौजूद आयरन की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का पता लगाया जाता है। à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ की जांच के लिठनिमà¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के टेसà¥à¤Ÿ किठजाते हैं (1):
हेमेटोकà¥à¤°à¤¿à¤Ÿ (Hematocrit)– इस टेसà¥à¤Ÿ में चिकितà¥à¤¸à¤• इस बात की जांच करता है कि रोगी का खून लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करने में कितना सकà¥à¤·à¤® है। साथ ही इस टेसà¥à¤Ÿ में लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं की संखà¥à¤¯à¤¾ और आकार की à¤à¥€ जांच की जाती है (5)।
सीरम फेरिटिन (Serum ferritin)– इस टेसà¥à¤Ÿ में खून में मौजूद फेरिटिन की मातà¥à¤°à¤¾ की जांच की जाती है। फेरिटिन à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ है, जो पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• कोशिका में पाया जाता है और आयरन को संगà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ यानी जमा रखने का काम करता है। वहीं, जरूरत होने पर यह शरीर में आवशà¥à¤¯à¤• आयरन की पूरà¥à¤¤à¤¿ करने में à¤à¥€ मदद कर सकता है (6)।
आयरन टेसà¥à¤Ÿ- जांच की इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में चिकितà¥à¤¸à¤• यह पता लगाने की कोशिश करता है कि रोगी के शरीर में कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में आयरन मौजूद है (7)।
टोटल आयरन बाइंडिंग कैपेसिटी (Total iron binding capacity)– चिकितà¥à¤¸à¤• शरीर में जरूरत से अधिक या कम आयरन होने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में यह टेसà¥à¤Ÿ करते हैं। इस टेसà¥à¤Ÿ में टà¥à¤°à¤¾à¤‚सफेरà¥à¤°à¤¿à¤¨ (transferrin) नाम के पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की जांच की जाती हैं, जो खून में आयरन के बहाव को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करता है। इससे चिकितà¥à¤¸à¤• को यह जानने में मदद मिलती हैं कि यह पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ खून में आयरन को ले जाने में सकà¥à¤·à¤® है या नहीं (8)।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के निदान के बारे में जानने के बाद आइठअब हम इसके इलाज के बारे में à¤à¥€ चरà¥à¤šà¤¾ कर लेते हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में खून की कमी का इलाज | Bachon Mein Khoon Ki Kami Ka Ilaj
निमà¥à¤¨ बिनà¥à¤¦à¥à¤“ं के माधà¥à¤¯à¤® से हम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के इलाज की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को समठसकते हैं (1) (9)।
नवजात बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को डॉकà¥à¤Ÿà¤° आयरन यà¥à¤•à¥à¤¤ फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पिलाने की सलाह दे सकते हैं।
वहीं, अधिक आयरन की कमी होने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में 3 à¤à¤®à¤œà¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿ किलो के हिसाब से आयरन डà¥à¤°à¥‰à¤ª (सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट) देने का सà¥à¤à¤¾à¤µ दिया जा सकता है।
ठोस आहार लेने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को आयरन से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ खिलाने पर जोर दिया जा सकता है।
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के इलाज के लिठठोस आहार के साथ आयरन यà¥à¤•à¥à¤¤ बेबी फूड खिलाने की सलाह दी जा सकती है।
अगर गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट के बावजूद बचà¥à¤šà¥‡ का शरीर लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ नहीं कर पाता, तो बà¥à¤²à¤¡ टà¥à¤°à¤¾à¤‚सफà¥à¤¯à¥‚जन यानी खून बदलने की
पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को अपनाया जाता है। यह गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है, जिसकी आमतौर पर जरूरत नहीं पड़ती (10)।
नौ महीने की बà¥à¤²à¤¡ टà¥à¤°à¤¾à¤‚सफà¥à¤¯à¥‚जन थेरेपी होने के बावजूद सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में सà¥à¤§à¤¾à¤° नहीं आता, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° बोनमैरो टà¥à¤°à¤¾à¤‚सपà¥à¤²à¤¾à¤‚ट करने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को अपनाते हैं (11)।
लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में अब हम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में खून बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के कà¥à¤› घरेलू उपाय बता रहे हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में खून बढ़ाने के घरेलू उपाय
जैसा कि हम लेख में ऊपर बता चà¥à¤•े हैं कि दूध पीने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को आयरन यà¥à¤•à¥à¤¤ फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• देकर à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के जोखिमों को दूर रखा जा सकता है। वहीं, अगर बचà¥à¤šà¤¾ ठोस आहार लेने योगà¥à¤¯ है, तो निमà¥à¤¨ घरेलू उपायों की सहायता से उसे à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के खतरे से बचाया जा सकता है।
चà¥à¤•ंदर का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— : विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, चà¥à¤•ंदर में à¤à¤‚टी-à¤à¤¨à¥‡à¤®à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पाया जाता है, जो लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ में मदद करता है। साथ ही à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के जोखिमों को दूर करने में मदद कर सकता है (12) (13)। इस कारण यह माना जा सकता है कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के आहार में इसे सलाद या जूस के रूप में शामिल करना à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ से बचाव का à¤à¤• बेहतरीन विकलà¥à¤ª साबित हो सकता है।
पालक का जूस : पालक को आयरन का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ माना जाता है और आयरन की कमी को पूरा करने के लिठइसे खाने की सलाह दी जाती हैं (14)। इसलिà¤, à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ से बचाव के घरेलू उपाय के तौर पर पालक के जूस को इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² में लाया जा सकता है।
अनार का सेवन : à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर पà¥à¤°à¤•ाशित à¤à¤• शोध के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, अनार à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के जोखिमों को कम करने में मदद कर सकता है। साथ ही शोध में इस बात का à¤à¥€ जिकà¥à¤° मिलता है कि इसके सेवन से खून बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में मदद मिल सकती है। इस कारण यह कहा जा सकता है कि खून बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के घरेलू उपायों में अनार के जूस का सेवन लाà¤à¤•ारी परिणाम दे सकता है (15)।
तिल का उपयोग : खून बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के घरेलू उपायों में तिल को इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² में लाया जा सकता है। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के मताबिक, तिल में आयरन का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होता है और इसके सेवन से à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के जोखिमों को दूर रखने में मदद मिल सकती है (16)। दो चमà¥à¤®à¤š तिल को कà¥à¤› देर à¤à¤¿à¤—ोकर इसका पेसà¥à¤Ÿ बना लें। फिर तैयार पेसà¥à¤Ÿ को शहद के साथ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को आसानी से दिया जा सकता है।
संतरा करें शामिल : बेयलर कॉलेज ऑफ मेडिसिन दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किठगठà¤à¤• शोध में पाया गया कि संतरे के जूस में मौजूद à¤à¤¸à¥à¤•ॉरà¥à¤¬à¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ लिठजाने आहार में मौजूद आयरन के अवशोषण में मददगार साबित हो सकता है (17)। à¤à¤¸à¥‡ में यह कहा जा सकता है कि संतरे का जूस शरीर में आयरन की आवशà¥à¤¯à¤• मातà¥à¤°à¤¾ की पूरà¥à¤¤à¤¿ के लिठसहायक साबित हो सकता है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में खून बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ वाले घरेलू उपाय जानने के बाद अब हम à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के दीरà¥à¤˜à¤•ालिक परिणामों को à¤à¥€ जान लेते हैं।
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के दीरà¥à¤˜à¤•ालिक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ का सही समय पर इलाज न करने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में निमà¥à¤¨ जटिलताà¤à¤‚ देखने को मिल सकती हैं, जो लेड की अधिकता का परिणाम हो सकती हैं (1) (18)।
अधिक देर तक किसी काम पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ लगाने में समसà¥à¤¯à¤¾à¥¤
सतरà¥à¤•ता में कमी।
सीखने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में कमी।
पेट दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾à¥¤
कबà¥à¤œ की शिकायत।
अधिक थकान होना।
à¤à¥‚ख की कमी।
हाथ और पैर में दरà¥à¤¦ का बने रहना।
अधिक कमजोरी का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸à¥¤
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ की जटिलताओं को जानने के बाद अब हम इससे बचाव के कà¥à¤› आसान उपाय बताने जा रहे हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ को होने से कैसे रोकें?
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ से बचाव के लिठनिमà¥à¤¨ बातों को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखना जरूरी है (9)।
जितना संà¤à¤µ हो बचà¥à¤šà¥‡ को मां का दूध ही पिलाà¤à¤‚।
अगर मां दूध पिलाने में असमरà¥à¤¥ है, तो बचà¥à¤šà¥‡ को आयरन यà¥à¤•à¥à¤¤ फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध का ही सेवन कराà¤à¤‚।
ठोस आहार लेने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को आयरन यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के साथ आयरन यà¥à¤•à¥à¤¤ बेबी फूड दिया जा सकता है।
à¤à¤• साल तक बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को गाय का दूध बिलà¥à¤•à¥à¤² न पिलाà¤à¤‚।
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤¸à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं है, जो ठीक न हो सके। जरूरत है, तो बस शिशॠके जनà¥à¤® के बाद उसका अचà¥à¤›à¥€ तरह से धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना, समय-समय पर चेकअप करवाना, 6 माह तक सिरà¥à¤« सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना और 6 माह के बाद पोषक ततà¥à¤µ यà¥à¤•à¥à¤¤ ठोस खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को उसकी डाइट में शामिल करना। हां, अगर फिर à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ में आयरन की कमी होती है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से चेकअप जरूर करवाà¤à¤‚। साथ ही इस लेख में बताठगई जरूरी बातों को à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखें। यह लेख आप अपने मितà¥à¤°à¥‹à¤‚ व परिचितों के साथ à¤à¥€ शेयर करें, ताकि वो à¤à¥€ इस विषय के संबंध में जागरूक हो सकें। अगर आप इस विषय के संबंध में और कà¥à¤› जानना चाहते हैं, तो नीचे दिठकमेंट बॉकà¥à¤¸ के जरिठअपनी बात हम तक पहà¥à¤‚चा सकते हैं।
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